Signature: 3/fnLb+flYECKgEeRZw2j4kyzZS1HtKIQ4LsUMscfplCz8FxdqK+QvtthOG/Dpzdbsb4RB3BnOWJt5cH5IOJr7Obo8SCjqtfQO8PUNGzxHkQ434iGbLKPeLOHHyIjGob5RppkK88mEjSCZAvUFuLp5wZuRmaKGl2UUJICyHDmq/QE1+WvKIp/J7SyQiy1EH52HMD8a1iLAUIUTT4ZKQhnw/2oWA0mLzLv6jXCNz7mHeU1FXkAWME0KgMgtzZJRuU5Cb3qJboME7UeqplmCo5EFShoyxnkV2WFC5z9czvE1G5Xof5xdkpN0IrvSFBPwHehhNtPjNXlawNRo8Zp5TvAGluiKBvNnB/MJSpvwcfI1LoeGOdPC2TcxZ+o83qLss3y9tvZBO+vKa3CRBOM3HR6uXksf01nEimO/ZwzcTNIjFYTNnNU8C216/5ZRGBXextISSq+dWxhEFvjTpTLMR3JVkqnKoEm31xXlCMQsA5daiB2QyCjhhnvoryXpvFZre5XSzO7czWYpq8HW5/x43X8YTfQlZFBAvJh525gxWpzoxp4YntDua1IQJkoZpku3R1WQE31cHgs1JQ9X6W8qPkpq7flaJTjFa5PXp5f3OfzOXMEf4GbIuockwXYwz4s+YSWvkFiYyqlPD87sMKCQpxn8M7DNrY0s6S1nsWMMUQLotdIu3+w7Oh6ji5i55WOXN8djDx/tLmOauBz+8FmRukGrpSMwzOgvCkTK+TYo3OyxUit4zCCwGVhYoOiz8imwdSQXA1OqSSVBT0h0haYo178m3VMTn5R2EXGF43P0/VaG0Q0eWNOUOzAFRDoZixgpkjT1qUorux6WWOPaB+hO1wE3hitN9sgDRjBsgTGm8S5QvYu9R34ji4QxfkdPSmLKVYIIQprdYwJbx4oB1Tx9MPbWIg2IqK4UKOnSMHw1QBj9oZPBN1F72U/ynKXenIXz/DFL7x4TelukMNuXsEz1huWa1l/RWR07dKlvmlFeYNCRA=

प्रतिध्वनि

हत हताहत आहत जन के मन से निकली ध्वनियाँ|पहले शोर, फिर चीख , फिर बिगुल होती हैं || निष्प्राण से लगते समाज के तन सेआती अंगड़ाई|पहले मजाक , फिर कोलाहल , फिर संघर्ष बनती हैं || ये करोड़ो की कम अकल सी लगने वाली भीड़की  तरंग |पहले लहर , फिर ज्वार , फिर चक्रवात स्वयं बनती हैं  || From the minds of the unhurd, the wounded, the hurtrise the sounds—  first a noise, then a scream, then the bugle they become. From the body of society that seems lifelesscomes a stretch of awakening—  first a jest, then an uproar, then the struggle they become. This wave of the crores who seem of little sensefirst a ripple, then a tide, then a cyclone it becomes itself.

Screenshot 2025-01-14 210727

ये बड़ा लोग

ये बड़ा लोग

ये बड़ा लोग ,
नाजों से पले , बनाए गए भले ।
बचा के रखे गए आंधियों से ,
तूफानों , भूख , बर्बादियों से ।।

ये बड़ा लोग ,
राज करने के लिए बने लोग ,
हो सकता है करें जतन समझने को
पढ़ने को , देखने को , एनालाइज करने को
हम छोटे लोगों की जिंदगियां

जैसे एक जीव विज्ञानी करता है शोध
मेढकों पर , तिलचट्टों पर , केंचुओं पर ।
जानने को उनकी जिंदगियां।

ये बड़ा लोग।

टूटना ……..

कविता या कुछ “तुक मिलती पंक्तिया ” जो भी कह लीजिए , उस भाव चित्र को दर्शाती है जो जीवन साथी से विलग होने की आशंका होने पर एक सात्विक प्रेमी को होता है ।

जो इस अंधे युग मे भी प्रेम की आंखे पाने का ईश्वरीय वरदान रखते हैं , उनसे जब उनके अस्तित्व का एक हिस्सा छूटता से लगता है तो टूटन का एहसास होता है , आत्मा के चटकने की आवाज आती है , और अंतःकरण में कुछ बिखर सा जाता है।

टूटने की परिभाषाये कितनी ,
सृष्टि में सृजन की आशाएं जितनी ।

टूटता शरीर , हड्डी , पुल , मकान
टूटती शाखा , सड़क , औ दुकान ।

इन सबमे छुपा है सृजन का अंश
टूटने पर होता जो विध्वंश ।।

पर ये टूटना कुछ भी नही मनुज के लिए ,
ये सब छूटना नही बड़ा मनुज के लिए। ।

पर जब टूटता है आत्माओं का बंधन ,
सूखी आँख होता हृदय में कृन्दन ।।
चेतना की वेदना के सुर सृष्टि में गुन ,
सुनता मनुज निज संहार की धुन ।।

जब टूटने लगता है प्रेम का बंधन ,
जो था सृष्टि , सृजन , विश्व का कारण ।
मनुज लगता हारने सा खुद से ये रण ,
विस्फोटित होता प्रलय से कण कण ।।

हे विधाता , तोड़ देना भले ये भंगुर मकान ।
मत तोड़ना कभी आत्मा के बंध का विधान।।

पिता

ये कविता या यूं कहूँ , भावनाओ का समुच्चय जो तुकबंदी सा बन पड़ा , father’s day पर गढ़ा गया । पिता के सम्मान का दिन पाश्चात्य सभ्यता भले ही निर्धारित करे , पूर्व का दर्शन तो पिता को अस्तित्व का अनवरत हिस्सा मान कर चलता है।

हे पिता , विश्व हो तुम ।
खुद के रक्त से सींचते सन्तान को ,
देते शक्ति पुत्र के प्राण को ।।

पंचतत्वो के शरीर का आधार हो तुम ,
हे पिता , विश्व हो तुम ।

पुत्र पुत्री के लिए जीवन कर समर्पित ,
हमारे भविष्य हेतु अपना वर्तमान अर्पित ।
बिना श्रेय लिए मेरी सफलता में गर्वित ,
तृण मात्र कष्ट भी हो मुझे , तुम द्रवित ।

इस मरुस्थल में सतत जल के दृश्य हो तुम ,
हे पिता विश्व हो तुम ।

Translation ::

O father , you are my universe !

Though sons grow from your blood ,
Thy power give them breath |

You are the basis of this elemental body ,
O father , you are my universe !

You dedicated your life for your children ,
For there future you sacrificed your present .
You are proud of our sucess with out taking credit ,
You feel ten , even if my pain is one .

Amidst this desert of life , you are the eternal oasis .
O father , you are my universe !